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Sammy's Blog

जब मैने मेरी किताब "द रेस" के लिए रायन हॉल की इन्टरव्यू ली, मैने उनसे पुछा कि उन्होंने कॉलेज में एक मील दौडना छोडकर ज्यादा दूरी दौडना क्यों शुरु किया. उनके जवाब ने मसीही जीवन और दौडने के लिए कुछ महत्वपुर्ण सिद्धान्त प्रकट किए.

उन्होंने पहले मुझे बताया कि बचपन से उन्होंने एक मील दौडने पर ध्यान लगाया. उनका सपना था कि संसार में एक मील की दूरी तय करनेवाले वो सबसे तेज़ दौडनेवाले हो जाएं. बहुतसी निराशा के बाद और कॉलेज की कई बुरी रेस के बाद, वो उनके दौडने के लिए परमेश्वर की योजना में आएं. उन्होंने परमेश्वर से कहा, "ठीक है, प्रभु, मुझे कोई परवाह नही कि तू मुझ से कौनसा काम करवाना चाहता है, मै केवल वही करना चाहता हूं जिसके लिए तूने मुझे बुलाया है."

उस प्रार्थना के बाद ही रायन ने लंबी रेस का प्रयोग करना शुरु किया जो उसके लिए बहुत ही स्वाभाविक था. बाद में उन्होंने सोचा, "ओह,काश मै जल्दि से इतना बुध्दिमान हो जाता." वो केवल तेज़ ही नही हुए, लेकिन वो एक घंटे के अंदर ही आधी मॅरेथॉन दौडी और हालही में किसी भी अमेरिकन से सबसे तेज़ दौडे है. जब रायन ने अपनी दौड खोज निकाली, तब उन्होंने रेकॉर्डस बुक के चिथडे उडा दिए.

परमेश्वर ने हम सबके जीवन में दौडने के लिए एक रेस दी है. अकसर हम कुछ निश्चित काम करना चाहते हैं क्योंकि दूसरों से हमें आदर मिलता है. या हम सोचते हैं कि हम खुद अपनी पूरी श्रमता तक पहुंच सकते हैं. लेकिन फिर भी,जब हम वही करते हैं जो रायन हॉल ने किया था - परमेश्वर की योजना के लिए अपने हाथ और दिल खोलना - तब ही हम अपनी पूरी श्रमता में दौड पाएगे. ये तब हो जब हम परमेश्वर से कहेगे, "मुझे अपनी योजना बता." तब रेस स्वाभाविक होगी. वास्तविकता में ये आलौकिक रुप में स्वाभाविक है.

परमेश्वर के लिए अपना दिल खोल दे और उससे मांगे कि आपके जीवन के लिए जो रेस उसने निश्चित की है वो आपको दिखाए. आप चॅम्पियन जैसे दौडेगे.

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रायन हॉल ही वो एक मात्र अमरीकी हैं जो एक घंटे से भी कम समय में हाफ मॅरेथॉन दौड़े हैं. और इस हफ्ते, वो अब अमेरिका के सबसे कम समय में मॅरेथॉन दौडनेवाले व्यक्ति हैं -२:०४:५८ में. अद्भुत है, २६.२ मील, वो भी २ घंटे ५ मिनट से भी कम समय में. ये सामान्य रूप में २६ मील तक ४ मिनट ४६ सेकंड प्रति मील की रफ्तार थी. लेकिन और भी अद्भुत बात थी – दौड़ते वक्त उनकी मनोदशा.

मेरी किताब “द रेस” के लिए मैंने रायन की इंटरव्यू ली. तब उन्हें बोस्टन मॅरेथॉन दौडकर एक साल हो चुका था. उन्होंने मुझ से कहा, “मैंने यही प्रार्थना की थी कि जब दौडूंगा और उन मुश्किल समय से जाऊंगा, तब मै परमेश्वर की उपस्थिती में रहूँ. मै उन मुश्किल पलों में उसके साथ रहने के लिए मार्ग खोजने लगा क्योंकि जब भी मै प्रभु की उपस्थिति में रहता हूँ, मुझे हमेशा आनंद महसूस होता है. मै सोचता हूँ की ये आनंद पाने का सबसे उत्तम तरीका है – केवल जुड जाएं और उसकी उपस्थिति में रहें.”


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जब डॉक्टर ने मुझ से कहा की मुझे मेरी कैंसर सर्जरी के पहले वजन घटाना होगा और धीरज बढाना होगा,मै जानता था की दोनों कैसे करे, वो था - दौडना. तभी ये अद्भूत रोमांच शुरू हुआ. तब मैंने दौड़ने के सिद्धांत और बाइबल की सच्चाई के बिच का सम्बन्ध जान पाया.

डॉक्टर के द्वारा कहा गया मुख्य शब्द था “धीरज.” उन्होंने कहा कि ये रिकवरी क्रिया में बहुत महत्वपूर्ण होगा. वो सही थे. मेरी रिकवरी सही हुई साथ ही सबकुछ सारी परेशानी चली गई.


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सामान्य रुप मे मै एक सपना देखनेवाला हूं. मेरे बहुत से सपने बस ऐसे ही हैं - मेरे सपने. कभी कभी सपने उपर से जन्म लेते हैं - अंदर से नही. जब उन मे से एक सपना मेरे दिल मे जड पकडता है, उसमे अदभुत शक्ति होती है क्योंकि वो सपना असीमित स्रोत याने यीशु से आता है. फिर भी मैने पाया है कि एक क्रिया के द्वारा सपना फलवन्त होता है.

जब केन लीबर्ग और मैने ओरिज नल ग्रीक मॅरेथॉन दौडने का सपना देखा, मै सच मे विश्वास करता हूं कि वो स्वर्ग से आया था. जब एक ऑटोमोबिल एक्सिडेन्ट मे कॅन की मौत हुई, वो सपना उनके साथ ही दफन हुआ. मैने दौडना छोड दिया और मेरा वज़न बहुत बढ गया.


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