Hide Button

सैमी टिपिट सेवकाई निम्‍नलिखित भाषाओं मे आपको यह विषय प्रदान करती है:

English  |  中文  |  فارسی(Farsi)  |  हिन्दी(Hindi)

Português  |  ਪੰਜਾਬੀ(Punjabi)  |  Român

Русский  |  Español  |  தமிழ்(Tamil)  |  اردو(Urdu)

Sammy's Blog

 काफी हफ्‍तो  से मेरी दौड़ के बारे में ना सुनने का कारण यह है कि मेरा दौड़ना  ना के बराबर था ।यह नहीं की  मैने दौड़ना छोड़  दिया और ना ही  है। १० हफतो से मेरे घुटनो में चोट के कारण मेरा  दौड़ना नामुम्‍किन हो गया है ।

इसके बावजुद मैने दौड़ने को एक सिख के अनुभव से लिया है विशेष करके बाईबल के अनुसार वास्‍तविक मसीह जीवन जीना सिखना । आप सोचते होगे ,कि बाईबल से ठुके हुए घुटने के बारे में हम क्‍या सिख सकते है।


> और पढें
Bookmark and Share

इस हफते मैं साधारन दौड़ने की सच्‍चाई से आवकाश लेता हूँ । हाल ही में The Cove में हमने एक हफते का सम्‍मेलन समाप्‍त किया। जो उसमें शामिल थे उन्‍हें उत्‍साह करने के लिए मैने निचे दिए शब्‍द लिखे/ मेरे विचार से  इसको पड़ने से आप आशिष पाऐगे । कृप्‍या निचे लिखी चुनौती पड़े ।

Heart-Cry for Revival सम्‍मेलन समाप्‍त हुआ और परमेश्‍वर हमसे मिले।आत्‍मिक और लिखित अर्थ में हमने ‘पहाड़ी चोटी ’का अनुभव किया ।अब जो हमने उतरी करोलिना के पहाड़ छोड़ दिऐ, हम तराई में जीवन की सच्‍चाईओं का सामना करते हैं । सेवकाई की कठिनाईयाँ ,र्चच जिम्‍मेवारीयाँ और भारी काम जो हमारा इन्‍तज़ार करता है ।


> और पढें
Bookmark and Share

पिछले हफते टकसेस वरिणढ खेलों में दौड़ कर मेरा अनुभव अच्‍छा रहा। मौसम सही था-धुप, हवा और तापमान ६८ Degree Fahrenheit था ।पिछले कुछ हफते अस्‍थमा का अनुभव मेरे लिए चिन्‍ता बन गया था ।

दौड़ से पहले मैने अपने दोस्‍त से कहाँ,मैं अपना उत्‍तम दूगा और वो होगा जो मैं हुगा यही विचार मैने सेवकाई में लिया है। मेरा कार्य अपना उत्‍तम देना है बाकि का परमेश्‍वर के हाथ में है अगर मेरे सन्‍देश का प्रतिउतर काफी लोग  दे वह अदभुत है यदि कम लोग प्रतिउतर दे वह भी अदभुत है जब तक मैने परमेश्‍वर पर परिणाम का भरोसा रखकर अपना उत्‍तम किया ।


> और पढें
Bookmark and Share

"Just do it!" केवल करो यह एक प्रसिद्व खिलाड़ी जुते कम्‍पनी का चिन्‍न है, परन्‍तु ज्‍य़ादा खिलाड़ियों के लिए यह चिन्‍न से बड कर है ।वह उसे जीवन का महत्‍वपूर्ण हिसा बन जाता है ।इस हफते लाईबेरिया में मैने यह सच पाया । इस देश में जब से हम आऐ है आज तक लगातार रोज़ बारिश हो रही है। इस युद्व घिरे देश में कसरत करना बहुत मुशकिल है ।

पहली बात दौड़ने के लिए ज्‍य़ादा स्‍थान नहीं था और जब आप व्‍यस्‍त हो और अधिकतर बारिश हो तब दौड़ना नामुम्‍किन है । इसलिए जब बारिश रुकि मैं होटल में था मैं जान गया कि अब मुझे दौड़ना चाहिए ।और दौड़ने के लिए होटल के सामने गली ही सही स्‍थान था।


> और पढें
Bookmark and Share
ब्‍लांग को खोजना
देखें कि कौन बात कर रहा है
हमारे लेखों पर सबसे अधिक टिप्‍पणीयों की एक झलक
जोड़ना