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devotions
उसके नाम में विजय

जैसे हम पर नया साल उदय हुआ, मेरे दिल की पुकार ही थी कि हम में से हरएक व्यक्ति मसीह को जाने और उसकी विजय का ऐसे अनुभव करे जैसे पहले कभी नही किया होगा. मेरा दिल उसे तुरंत जानकर उस के पीछे नजदीकी से चलना चाहता है. इसलिए, हर हफ्ते मै परमेश्वर के नाम के बारे मे लिखुंगा. उसके नाम में, हम विजय पाते हैं, उसके नाम में, हम राज्यों पर जयवंत होते हैं, उसके नाम में, हमारे पास हमारी कमजोरी पर विजय पाने की योग्यता होती है और उसके नाम में, हमारे पास हमारी प्रार्थनाओं का उत्तर मिलने की शाश्वती होती है.

प्राचीन समय के इस्राएली लोगों मे, किसी व्यक्ति का नाम उस व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व के बारे मे दर्शाता था. इसलिए परमेश्वर के नाम उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण थे. जब मिद्दानियों के रेगिस्तान मे मूसा की मुलाक़ात परमेश्वर के साथ होती है, परमेश्वर ने उसे मिस्र वापस जाकर अपने संगी देशवासियों को गुलामी से आज़ाद करने के लिए कहा. परमेश्वर के प्रति उसका पहला प्रतिउत्तर यही था, “जब मैं इस्राएलियों के पास जाकर उनके कहूं, ‘तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है,’ तब यदि वे मुझ से पूछे, ‘उसका क्या नाम है?’ तब मैं उनको क्या बताऊ?” (निर्गमन ३:१३).

बाद मे मूसा ने परमेश्वर की व्यवस्था प्राप्त की, और दस महान व्यवस्थाओं मे से एक, परमेश्वर के नाम के बारे मे थी. परमेश्वर की व्यवस्था बहुत ही स्पष्ट है जब वो कहती है, “तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहरेगा” (निर्गमन २०:७). परमेश्वर के लोगों को परमेश्वर का नाम जानना और उसका आदर करना जरूरी है, क्योंकि नाम के द्वारा ही हम सीखते हैं कि परमेश्वर कौन है और वो कैसे काम करता है.

बाइबल मे परमेश्वर को अगणित नाम दिए गए हैं. उन मे से हरएक परमेश्वर के एक खास गुण के बारे मे बताता है. इसलिए परमेश्वर के नाम मे विजय है. जैसे हम परमेश्वर को सृष्टिकर्ता के रूप मे जानते हैं, तो परमेश्वर ने हमे जो काम करने के लिए दिया है उस में हम “रचनात्मक” होते हैं. जैसे हम उसे यहोवा यिरे (हमारा प्रयोजन करनेवाला परमेश्वर) के रूप मे जानते हैं, हम खोज निकलेगे कि हमारी हर जरूरत उसमे पूरी होती है. जैसे हम उसे महान “मै हूँ” के रूप मे जानते हैं, तब हम उसकी हमेशा उपस्थित रहनेवाली विजय का अनुभव करेगे.

जब हम उसके नाम को पुकारते हैं तब वो हमें छुडाता है, और जब हम उसके नाम का दावा करते हैं तो हमारा जीवन बदल जाता है. उसके नाम मे बारे में कुछ खास हैं. परमेश्वर के नाम के स्वभाव गुण का अध्यन आपको उत्तम ज्ञान देगा कि आप जान पाए कि वो कौन है और वो आपके जीवन मे क्या करना चाहता है. यीशु के नाम में सामर्थ और प्रेम है. उसके नाम के कारण दिल की चंगाई है.

एकदिन, ये अद्भुत नाम लेते ही हर घुटना टिकेगा. ये नाम सारे नामों के उपर है. उसके नाम मे, दुष्टात्माएं भागती है, लंगड़े चलते हैं, अंधे देखते हैं, मुर्दे जीवित होते हैं, कमजोर लोग मज़बूत होते हैं, और जीवन परिपूर्ण होते हैं. दुष्ट तानाशाहों ने उसके नाम का उपयोग बंद करने की कोशिश की, लेकिन उनका परिश्रम व्यर्थ हुआ. मनुष्य से नफरत करनेवाले इस नाम का मज़ाक उड़ाते थे. लेकिन फिर भी उसका नाम पुरे संसार मे आदर से लिया जाता है, जबकि उनके नाम बहुत समय पहले ही भुला दिए गए हैं. ये परमेश्वर का नाम है, यीशु का ही नाम है, जो बनी रहनेवाली विजय लाता है. अपने दिल से परमेश्वर के नाम का अध्यन करे, और आप जान पाएगे कि वो कौन है. उसका नाम अद्भुत है.