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devotions
मध्यस्थ – स्वर्ग के गुप्त हीरो

ये एतिहासिक पल था. Beltc'y, Moldova में हज़ारों लोग पहली बार सुसमाचार सुनने के लिए फुटबॉल ग्राउण्ड में जमा हुए थे. उस समय Moldova पूर्व सोवियत रशिया का भाग था. विश्वासियों को सताया जा रहा था. जीवन मुश्किल था. नास्तिकता के द्वारा सबका दिमाग साफ किया गया था. लेकिन विश्वासी प्रभु से द्वार खोलने के लिए प्रार्थना कर रहे थे, और ये वो दिन था. उसने ऐसा ही किया.

जैसे मै यीशु के नाम का प्रचार करने के लिए खड़ा हुआ, मै बहुत निराश हो गया. मेरे मन में सवाल उठने लगे. लोग क्या सोचेगे? क्या वो मसीह के पास आने के लिए खुले न्योते को प्रतिउत्तर देगे? कई साल पहले मैने यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को यीशु के बारे में बताने के कारण मुझे पूर्व सोवियत यूनियन से निकाल दिया था. अब, मै इस एतिहासिक पल में खड़ा था कि परमेश्वर के सबसे महान वरदान उद्धार के बारे में प्रचार करूं.

उस दोपहर के समय मेरे संदेश को खत्म करते वक्त, मैंने लोगों को यीशु के पास आने का न्योता दिया. पहले मैंने लोगों से कहा कि अगर वो यीशु को जानना कहते हैं तो वे अपना हाथ उठाए, और मैने कहा कि मै उन के लिए प्रार्थना करुंगा. किसी ने हाथ नही उठाया. मैंने कहा, “हे प्रभु, अब मै क्या करूं?” पवित्र आत्मा मानो मेरे दिल में फूसफुसा रहा था, “आगे बढ़, आगे बढ़.”

फिर मैंने लोगों से कहा कि अगर वो अपना विश्वास यीशु पर रखकर उसके पीछे चलना चाहते हैं तो वो मेरे साथ प्रार्थना करने के लिए मंच के पास आए. किसी ने प्रतिउत्तर नही दिया. मैंने फिर प्रार्थना की, लेकिन प्रभु ने दर्शाया की सबकुछ उसके नियन्त्रण में है. मैंने उपर देखा, और मै चकित हो गया, एक सुंदर गरीब महिला सारे लोगों की भीड़ में से मेरे सामने आई. वो रों रही थी, उस के सर पर फूलों का एक गुलदस्ता था. वो उमड़नेवाली भीड़ मे से आगे बढकर अकेली ही पुलपिट के सामने आई. फिर उसे ने मुझे फूलों का गुलदस्ता दिया और पुलपिट के सामने घुटने टेककर परमेश्वर को पुकार ने लगी.

मैंने उपर देखा और वो प्रार्थना कर रही थी. दस, बीस, पचास और सैकडो लोग मसीह के पास आने के बारे में प्रतिउत्तर देने लगे. ये देखने में अद्भुत दृश्य था. उस दोहपर के समय लगभग २५०० लोगों ने अपना जीवन मसीह को दिया.

मै उस गरिब सुंदर स्त्री के द्वारा इतना प्रेरित हुआ कि मैंने हमारे न्यूज़ लेटर में क्या हुआ इसकी कहानी ही लिख दी. क्या हुआ उसकी हमारे पास तस्वीरें थी. हमारे न्यूज़ लेटर भेजने के कुछ ही समय बाद, मुझे मेरी पत्नी के प्रार्थना समूह की एक बहन की ओर से फोन कॉल आया. उसने कहा, “सैमी, क्या मै आपके ऑफिस आ सकती हूं? मुझे आपको कुछ दिखाना है.”

वो तुरंत मेरे ऑफिस में आई और अपने संग अपनी प्रार्थना की डायरी भी लेकर आई. प्रतिदिन वो लिखती थी की प्रभु ने उसे प्रार्थना के लिए कैसे प्रभावित किया. वो हमारे मोल्डोवा क्रूसेड के लिए दो महीनो से प्रार्थना कर रही थी. प्रभु ने उनके मन में रखा था की वो मोल्डोवा के एक सुंदर गरीब बहन के लिए प्रार्थना करे की वो वही करने के लिए तैयार हो जो प्रभु उसे करने के लिए कह रहा है. जैसे वो निरंतर प्रार्थना कर रही थी उसने अपनी डायरी में इसे लिखकर रखा था.

मै रोमांचित हो गया. सेंट अंटोनियो, टेकेसस की एक बहन ने प्रार्थना थी की और प्रभु ने देश को हिला दिया. प्रार्थना ने एक अद्भुत बहन के दिल को तैयार किया और प्रभु चमत्कार कर पाया. मै विश्वास करता हूँ की जब हम स्वर्ग पहुचेंगे तब हम स्वर्ग के सच्चे हीरो को देख पाएगे, जरूरी नही की वो मंच के महान व्यक्ति हो. जरूरी नही कि वो लोगों में बहुत ही विख्यात हो, लेकिन वो परमेश्वर के लिए बहुत ही विख्यात होगे – वो जो प्रार्थना की शांत जगह पर बने रहे हैं.

यीशु ने कहा, “लेकिन जब तुम प्रार्थना करो, तब अपने कमरे में जोओ, दरवाज़ा बंद कर अपने पिता से प्रार्थना करो, जो अदृश्य है. तब तुम्हारा पिता, जो गुप्त की बातों को देखकर तुम्हे खुले में प्रतिफल देता है” (मत्ती ६:६). एक दिन हम खोज निकलेगे कि परमेश्वर के गुप्त हीरो कौन हैं. ये वो लोग हैं जिन्होंने अपने दिल की गुप्त प्रार्थना के द्वारा प्रभु राज्य में इतिहास लिख चुके हैं.