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devotions
शिकागो

Quite often I am asked how and why I began traveling internationally. It all began in 1970 in a high crime area of Chicago. My wife Tex and I were living in the ghettos and ministering to young people on the streets of that great city. Every morning we would spend time praying with our staff as a team. We would take a different nation each week and pray for that country.

मुझ से अक्सर पुछा जाता हैं और मैं क्यों अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करता हूँ । यह सब 1970 में शिकागो में एक बहुत ही ज्यादा क्राईम के क्षेत्र में था। मेरी पत्नी टैक्स और मैं वहां बस्ती में रहते थे और हम इस महान शहर के जवानों के साथ सड़को पर सेवकाई करते थे। हर सुबह हम अपने स्टाफ के साथ टीम के तौर पर प्रार्थना करते थे। हम प्रत्येक सप्ताह अलग देश को लेते थे और उसके लिए प्रार्थना करते थे। एक सुबह हम जर्मनी के लिए प्रार्थना कर रहे थे। जैसे हम ने प्रार्थना की तो परमेश्वर ने मेरे और मेरे एक साथी के दिल को इस देश के लिए तोड़ दिया। हम बड़ी देर तक उस शाम को प्रार्थना करते रहे। हम दोनों ने महसूस किया, कि परमेश्वर हमें जर्मनी में सुसमाचार का प्रचार के लिए लेकर जाना चाहता हैं। पर हमारी बहुत सी समस्याएं थी। पहली बात, हम जर्मनी भाषा नहीं बोल सकते थे। दूसरी बात हम जर्मन में किसी को नहीं जानते थे और अंत में जर्मन जाने के लिए हमारे पास पैसा नहीं था। हमारे पास एक ही चीज थी और वह हमारे टूटे दिल और परमेश्वर के सिंहासन तक हमारी पहुँच।

हम ने पूरी रात प्रार्थना की। और मुझे याद आया कि मेरे पास अग्रंेजी बोलने वाले जर्मन पास्टरों की एक सूची हैं और उनके टेलीफोन नम्बर भी हैं और मैंने उन में से सबसे बड़े पास्टर का नाम और नम्बर चुना। उस ने मेरे विषय में कभी नहीं सुना था और वह ज्यादा उत्साह देने वाला नहीं था परन्तु दो सप्ताह में मुझे एक पत्र मिला जो उसने मुझे भेजा था और थोड़े समय के बाद ही मैंने उस के साथ टेलीफोन पर बात की, इस पास्टर ने हमारी शिकागो की सेवकाई के विषय में पढ़ा था। परमेश्वर ने उसके दिल को छू लिया था और उस ने जर्मनी में एक पास्टर कानफै्रन्स में मुझे बोलने के लिए बुलाया।

परमेश्वर ने हमारी प्रार्थनाओं का ऊतर दिया और हमारे लिए पूरे जर्मनी में प्रचार करने के लिए द्वार खोल दिया। अब सिर्फ एक ही समस्या रह गई थी। हमारे पास जर्मनी जाने के लिए पैसे नहीं थे। बाद में एक स्कूल टीचर आया और वह मेरे साथ बात करना चाहता था। वह परमेश्वर के साथ एकेला ही समय बिता रहा था और परमेश्वर ने उसके साथ बहुत गहराई से बात की थी। वह अपने पैसे जमा कर रहा था और परमेश्वर ने उसकी अगुवाई की। कि वह अपने पैसे बैंक से निकलवाकर हमें दे देवे और मैं विश्वास नहीं कर पाया।

मैंने एक महान सबक सीखा कि हम परमेश्वर पर अपनी जरूरतों के लिए भरोसा कर सकते हैं। जब हम जानते हैं कि हम परमेश्वर की ईच्छा के आधीन हैं। और हैरानी होती हैं। कई सदियों के बाद 6 महाद्वीपों के ऊपर हम ने हजारों-लाखों लोंगो को मसीह में आते देखा हैं मैं कभी नहीं भूलूंगा। कि इस सब की शुरूआत एक प्रार्थना सभा में हुई थी। परमेश्वर के साथ समय बिताओ और तुम यह महसूस करना शुरू कर दोगे। जो वह महसूस करता हैं और वह करो जो तुम से वह करवाना चाहता हैं। तुम आज परमेश्वर के साथ समय क्यों नही बिताते और उसको खोए हुए संसार के लिए तुम्हारे दिल को तोड़ने दो।